मेरा नाम अमित साह है। जन्म नैनीताल में हुआ और पढ़ाई भी नैनीताल के ही CRST Inter college और Dsb कैंपस में हुई। B.Com और M.A. इतिहास से क़िया। 3 भाई बहनों में सबसे बड़ा हूँ। जुलाई 2013 में एक दिन मेरी मोबाइल फ़ोन से खिंची फ़ोटो इत्तेफाक से अखबार में छप गयी, तब से फोटोग्राफी शुरू हुई।
मेरी खिंची हुई फ़ोटो को पिछले दिनों ही UN के द्वारा मनाए गए विश्व पर्वत दिवस में मौके पर दुनिया भर में पोस्टर के पर लगाया गया। फोटोग्राफी शुरू करने के 3 महीने बाद ही उत्तराखंड की वित्त मंत्री के हाथों से मुझे दिसंबर में हल्द्वानी में प्रथम पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा भी पिछले 6 सालों में कई छोटे बड़े पुरुस्कार मिले। मेरी तस्वीरे अभी तक 200 से अधिक बार अखबारों और मैगज़ीन में छप चुकी है। और कई सारी वेबसाइट्स में भी।
मुझे बाइक चलाना पसंद है। बाइक से उत्तराखंड और नार्थ इंडिया घूम चुका हूँ। मुझे ट्रैकिंग का भी शौक है, उत्तराखंड के कई सारे ट्रेक्स कर चुका हूं। इसके अलावा हाल ही में अभिनय भी शुरू किया है और 2 शार्ट फिल्मो में अभिनय भी किया ।
मुझे लगता है कि फोटोग्राफी कैमरा नही करता बल्कि इंसान करता है इसलिए आपका नज़रिया सबसे ज्यादा मायने रखता है, जोकि हर इंसान का अलग अलग होता है।
Tuesday, 24 March 2020
कुछ मेरे बारे में
Tuesday, 19 September 2017
Valley of Flowers
Valley of Flowers
फूलों की घाटी
उत्तराखंड के चमोली जिले मे स्थित गोविंदघाट से मात्र 13 kms पैदल चलकर इस स्वर्ग जैसे स्थान पर पहुँचा जा सकता हैं। अपने फूलो के लिए दुनिया भर मे प्रसिद्व इस जगह को मैंने बिना फूलो के भी बहुत ही ज्यादा खूबसूरत पाया। घांघरिया नाम की जगह से थोड़ा सा आगे forest की check post पर टिकट लेकर आप इस जगह पर जा सकते हैं। घांघरिया से घाटी की दूरी मात्र 4 kms है। घाटी मे रुकने की इजाज़त नही है और उसी दिन वापस घांघरिया आना होता है। इस जगह की सबसे खास बात जो मुझे लगी वो ये थी कि इस जगह पर आपको पॉलीथिन या और किसी भी तरह की कोई गंदगी कहीं नज़र नही आएगी। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस जगह पर गंदगी करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगता है ( वरना तो हिन्दुस्तानी पर्यटक का धर्म है गंदगी करना)। इस वजह से यहाँ सफाई देखकर दिल और भी खुश हो जाता हैं। शानदार हिमालय, खूबसूरत बुग्याल, नदी की धीमी मीठी आवाज़ और अदभुत नीला आसमान, सब एक ही जगह कौन नही देखना चाहेगा।